समाज का समावेशी विकास: कमजोरों को आरक्षण

अंबेडकर बार-बार कहते थे कि केवल पॉलिटिकल डेमोक्रेसी से काम नहीं चलेगा, सोशल डेमोक्रेसी भी होनी चाहिए। श्री नीतीश कुमार ने पूरी प्रतिबद्धता से उनके विचारों को जमीन पर उतारा। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके पर हर महादलित टोले में एक दलित बुजुर्ग द्वारा झंडा फहरवाने की शुरुआत इसकी एक बड़ी बानगी है। पंचायत स्तर पर उन्होंने दलितों व अत्यंत पिछड़ों के लिए उन्होंने आरक्षण की विशेष व्यवस्था की। न्यायिक सेवा की ही बात करें तो बिहार में पिछड़े, अत्यंत पिछड़े, अनुसूचित जाति एवं जनजातियों तथा विकलांगों को मिला कर 50 फीसदी आरक्षण का निर्णय लिया गया। यही नहीं, बिहार पहला राज्य है जहां निजी कम्पनियों को भी आरक्षण के दायरे में लाया गया है।

Magazine

Facebook

Janata Dal United

आप जनता दल यूनाइटेड के आधिकारिक वेब पोर्टल पर हैं। आप चाहें तो हमसे संवाद भी करें। सुझाव हों, तो जरूर दें, हम स्वागत करेंगे।       संवाद

Contact Us

149, MLA Flat, Virchand Patel Path
Patna-800001
jdumedia@gmail.com

Follow Us

Janata Dal United